।। ओ३म् ।। Image source: World Art Dubai नमस्कार। ४ नवंबर २०१९ के दिनांक, आज के दिवस सोमवार, मै ब्रह्मवीर ऋग्वेदी यह ब्लॉग पोस्ट लिखना प्रारम्भ कर रहा हू जिसका विषय श्रीमान डाॅ सुरेन्द्र कुमार शर्मा अज्ञात जी नामक लेखक के पुस्तक "श्रीमद्भगवद् गीता" [ISBN: 978-81-7987-862-0], विश्व बुक्स प्रकाशन, मे दिए भगवद गीता पर लगाए आरोपों का उत्तर देने व जहा आवश्यकता हो वहा खंडण करने लिख रहा हूँ। हिन्दी भाषा मेरी मातृभाषा न होने के कारण पाठकों से निवेदन है की इस लेख मे यदी कोई हिन्दी व्याकरणिक गलतियाँ मिले तो कृपया क्षमा कीजिएगा। प्रस्तावना: हालांकी श्रीमान डाॅ सुरेन्द्र कुमार शर्मा 'अज्ञात' जी, जिन्हे मे यहा संक्षिप्त मे "शर्मा जी" या "डाॅ शर्मा जी" ऐसे संबोधित करुंगा, अधिक प्रसिद्ध लेखक नही है पर हाल ही मे मैंने इनके चर्चे कुछ आंबेडकरवादी मित्रों से सुने जहा इनके पुस्तकों के बारे मे पता चला। मेरे कुछ अन्य आर्य समाज से जुडे मित्र डाॅ शर्मा जी के अन्य हिंदु धर्म के विरुद्ध पुस्तकों के खंडन मे लगे है, मै स्वयं विश्वबुक्स प्रकाशित "...
Traditionalist Perennial Philosopher