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प्रबोधंकर ठाकरे: हिंदू धर्माचे दिव्य

बाळासाहेब ठाकरे हिंदुत्ववादी का होते? त्यांचे प्रेर्णा स्रोत कोण होत? बाळासाहेबांचा हिंदुत्वाचा आदर्श कोण? ह्या प्रश्नांचे उत्तर आहे त्यांचे पिता 'प्रबोधंकर' केशव ठाकरे! प्रत्येक शिवसैनिकाने आणि हिंदुत्ववादीने प्रबोधंकरांचा “हिंदू धर्माचे दिव्य” ही क्रांतिकारक पुस्तक वाचलीच पाहिजे. आजकल नकली-पुरोगामी हिंदुत्वाचा पाया तोडायला नेहमी बाळासाहेबांचे पिता प्रबोधंकरांचे "देवळांचा धर्म आणि धर्माची देवळे" ह्या पुस्तकाचा गैर वापर करून बिन संदर्भ त्यांचे लेखाचे भाग छापुन त्यांना हिंदू धर्म विरोधी दाखवायचे प्रयत्न करतात. शिवरायांचा प्रत्येक मावळ्याने, प्रत्येक हिंदुत्ववादीने, खासकर आमच्या शिवसैनिक बंधुंनी हा पुस्तक इथं online वाचुन याचे अनुसरण व प्रचार केले पाहिजे. अश्याच प्रकारे ब्रिगेडींचे न् आंबेडकरवादींचे शाहू, शिवराय आणि शंभुरायांचे नावांचं गैर-वापर करत सनातन निसर्ग धर्माविरुद्ध अप्रचार थांबवता येईल, आणि हिंदू समाजात कुप्रथा थांबवुन देशाला अधिक श्रेष्ठ बनवता येईल.  वेळ नसल्या मुळे मोठ मोठे ग्रंथ, शास्त्र व संत-स्वामी-महापुरुषांचे संपुर्ण लेख सर्वांना वाचायला जमत नाही, ते आम्ही समजू शकतो. पण हा मोफत मिळणारा 30 पानांचा online वाचायला भेटणारा पुस्तक आपण सर्व इंटरनेेेेट वरचे इतर काम १ तासासाठी बंद ठेवुन वाचू शक्ताच अशी माझी मान्यता आहे.
जय हिंद! जय श्री राम!


(SORRY FOR THE INCONVENIENCE,  THE LINK PROVIDED IS TEMPORARILY SHUT DOWN FOR TECHNICAL REASONS AND IS EXPECTED TO START WITHIN A FEW MORE DAYS. THANK YOU)

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